सर्वस्यैव हि भूपाल जन्तो: सर्वत्र कारणम्।
धर्माधर्मौ यत: कस्मात्कारणं पृच्छॺते त्वया॥ ८२॥
अनुवाद
हे राजन! समस्त प्राणियों की समस्त अवस्थाओं के कारण धर्म और अधर्म ही हैं, अतः आप मेरे आने का कारण क्यों पूछते हैं? ॥ 82॥
O King, the causes of all states of all beings are Dharma (righteousness) and Adharma (irreligion), so why do you specifically ask the reason for my arrival? ॥ 82॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥