श्री विष्णु पुराण  »  अंश 2: द्वितीय अंश  »  अध्याय 13: भरत-चरित्र  »  श्लोक 74
 
 
श्लोक  2.13.74 
तथान्यैर्जन्तुभिर्भूप शिबिकोढा न केवलम्।
शैलद्रुमगृहोत्थोऽपि पृथिवी सम्भवोऽपि वा॥ ७४॥
 
 
अनुवाद
और इसी युक्ति से अन्य समस्त प्राणियों ने भी न केवल रथ का भार उठाया है, अपितु सम्पूर्ण पर्वतों, वृक्षों, गृहों और पृथ्वी आदि का भी भार उठाया है॥ 74॥
 
And by this device all the other creatures too have carried the weight of not only the chariot but also entire mountains, trees, houses and the earth etc.॥ 74॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)