श्री विष्णु पुराण  »  अंश 2: द्वितीय अंश  »  अध्याय 13: भरत-चरित्र  »  श्लोक 67
 
 
श्लोक  2.13.67 
वक्ष:स्थलं तथा बाहू स्कन्धौ चोदरसंस्थितौ।
स्कन्धाश्रितेयं शिबिका मम भारोऽत्र किंकृत:॥ ६७॥
 
 
अनुवाद
पेट के ऊपर वक्ष, भुजाएँ और कंधे हैं, और कंधों पर यह टोकरी रखी है। मैं इसमें बोझ कैसे ढोऊँ?॥67॥
 
Above the abdomen are the chest, arms and shoulders, and on the shoulders is placed this basket. How could I carry the burden in it?॥ 67॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)