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श्री विष्णु पुराण
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अंश 2: द्वितीय अंश
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अध्याय 13: भरत-चरित्र
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श्लोक 63
श्लोक
2.13.63
राजोवाच
प्रत्यक्षं दृश्यसे पीवानद्यापि शिबिका त्वयि।
श्रमश्च भारोद्वहने भवत्येव हि देहिनाम्॥ ६३॥
अनुवाद
राजा ने कहा - अरे, तुम तो इस समय भी मोटे दिखाई देते हो, अभी भी रथ तुम्हारे कंधे पर है और भार ढोने से तो मनुष्य थक ही जाता है।
The king said - Oh, you look fat even at this moment, even now the chariot is on your shoulder and carrying the load is bound to tire the mortals. 63.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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