श्री विष्णु पुराण  »  अंश 2: द्वितीय अंश  »  अध्याय 13: भरत-चरित्र  »  श्लोक 62
 
 
श्लोक  2.13.62 
ब्राह्मण उवाच
नाहं पीवान‍्न चैवोढा शिबिका भवतो मया।
न श्रान्तोऽस्मि न चायासो सोढव्योऽस्ति महीपते॥ ६२॥
 
 
अनुवाद
ब्राह्मण बोला, "हे राजन! मैं न तो मोटा हूँ, न ही मैंने आपका रथ उठाया है। मैं थका नहीं हूँ और मुझे कोई मेहनत भी नहीं करनी है।" 62.
 
The Brahmin said, "O King! I am neither fat nor have I lifted your chariot. I am not tired and I do not need to bear any hard work." 62.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)