सतूक्षपीनावयवो जडकारी च कर्मणि।
सर्वलोकोपकरणं बभूवाहारवेतन:॥ ४७॥
अनुवाद
वह बैल के समान बलवान और जड़ वस्तु के समान निश्चल शरीर वाला था। अतः केवल आहार देने से ही वह सब लोगों का साधन बन जाता था। [अर्थात् सब लोग उसे केवल आहार देकर ही अपना काम चला लेते थे]॥47॥
He had a strong body like a bull and was as motionless as an inanimate object in action. Therefore, by merely giving food he became the instrument of all people. [That is, all people used to get their work done by merely giving him food]॥ 47॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥