श्री विष्णु पुराण  »  अंश 2: द्वितीय अंश  »  अध्याय 13: भरत-चरित्र  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  2.13.3 
यत्त्वेतद्भगवानाह भरतस्य महीपते:।
श्रोतुमिच्छामि चरितं तन्ममाख्यातुमर्हसि॥ ३॥
 
 
अनुवाद
परन्तु हे प्रभु! मैं राजा भरत की कथा सुनना चाहता हूँ, जो आपने पहले कही थी। कृपा करके मुझे बताइए॥3॥
 
But O Lord! I want to hear the story of King Bharat that you had mentioned earlier. Please tell me. ॥ 3॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)