श्री विष्णु पुराण  »  अंश 2: द्वितीय अंश  »  अध्याय 13: भरत-चरित्र  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  2.13.17 
गर्भप्रच्युतिदोषेण प्रोत्तुङ्गाक्रमणेन च।
मैत्रेय सापि हरिणी पपात च ममार च॥ १७॥
 
 
अनुवाद
हे मैत्रेय! गर्भपात के दोष और बहुत अधिक उछलने के कारण वह हिरण भी गिरकर मर गया। ॥17॥
 
O Maitreya, due to the defect of abortion and jumping too high, that deer also fell down and died. ॥17॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)