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श्री विष्णु पुराण
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अंश 2: द्वितीय अंश
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अध्याय 13: भरत-चरित्र
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श्लोक 15
श्लोक
2.13.15
तत: सा सहसा त्रासादाप्लुता निम्नगातटम्।
अत्युच्चारोहणेनास्या नद्यां गर्भ: पपात ह॥ १५॥
अनुवाद
तब वह अत्यन्त भयभीत होकर सहसा नदी के तट पर कूद पड़ी; इतने ऊँचे स्थान पर चढ़ने से उसका गर्भ नदी में गिर पड़ा॥15॥
Then she became very frightened and suddenly jumped up to the river bank; by climbing to such a high place her womb fell into the river.॥ 15॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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