श्री विष्णु पुराण  »  अंश 2: द्वितीय अंश  »  अध्याय 13: भरत-चरित्र  »  श्लोक 102
 
 
श्लोक  2.13.102 
त्वं किमेतच्छिर: किं नु ग्रीवा तव तथोदरम्।
किमु पादादिकं त्वं वा तवैतत्किं महीपते॥ १०२॥
 
 
अनुवाद
हे राजन! क्या यह सिर, या गर्दन, या पेट, या कोई भी पैर आप ही हैं? और ये सिर आदि क्या आपके हैं?॥102॥
 
O King! Are you this head, or the neck, or the stomach, or any of the legs? And what are these heads etc. 'yours'?॥102॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)