vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री विष्णु पुराण
»
अंश 2: द्वितीय अंश
»
अध्याय 13: भरत-चरित्र
»
श्लोक 102
श्लोक
2.13.102
त्वं किमेतच्छिर: किं नु ग्रीवा तव तथोदरम्।
किमु पादादिकं त्वं वा तवैतत्किं महीपते॥ १०२॥
अनुवाद
हे राजन! क्या यह सिर, या गर्दन, या पेट, या कोई भी पैर आप ही हैं? और ये सिर आदि क्या आपके हैं?॥102॥
O King! Are you this head, or the neck, or the stomach, or any of the legs? And what are these heads etc. 'yours'?॥102॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×