त्वं राजा सर्वलोकस्य पितु: पुत्रो रिपो रिपु:।
पत्न्या: पति: पिता सूनो: किं त्वां भूप वदाम्यहम्॥ १०१॥
अनुवाद
[अपने आप को देखो] आप समस्त प्रजा के लिए राजा हैं, पिता के लिए पुत्र हैं, शत्रु के लिए शत्रु हैं, पत्नी के लिए पति हैं और पुत्र के लिए पिता हैं। हे राजन, कहिए, मैं आपसे क्या कहूँ?॥101॥
[Look at yourself] You are a king for all the subjects, a son for the father, an enemy for the enemy, a husband to the wife and a father to the son. O King, tell me, what should I say to you?॥101॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥