vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री विष्णु पुराण
»
अंश 2: द्वितीय अंश
»
अध्याय 12: नवग्रहोंका वर्णन तथा लोकान्तरसम्बन्धी व्याख्यानका उपसंहार
»
श्लोक 19
श्लोक
2.12.19
अष्टाभि: पाण्डुरैर्युक्तोवाजिभि: काञ्चनो रथ:।
तस्मिंस्तिष्ठति वर्षान्ते राशौ राशौ बृहस्पति:॥ १९॥
अनुवाद
वर्ष के अंत में बृहस्पति प्रत्येक राशि में आठ पीले रंग के घोड़ों द्वारा खींचे जाने वाले स्वर्ण रथ में विराजमान होते हैं।
At the end of the year Brihaspati sits in each zodiac sign in a golden chariot drawn by eight pale coloured horses.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×