vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री विष्णु पुराण
»
अंश 2: द्वितीय अंश
»
अध्याय 11: सूर्यशक्ति एवं वैष्णवी शक्तिका वर्णन
»
श्लोक 9
श्लोक
2.11.9
मासि मासि रविर्यो यस्तत्र तत्र हि सा परा।
त्रयीमयी विष्णुशक्तिरवस्थानं करोति वै॥ ९॥
अनुवाद
प्रत्येक मास में जो भी सूर्य प्रकट होता है, वेदरूपी विष्णु की परम शक्ति उसी में निवास करती है ॥9॥
Whatever sun appears in every month, the supreme power of Vishnu in the form of Vedas resides in him only. 9॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×