vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री विष्णु पुराण
»
अंश 2: द्वितीय अंश
»
अध्याय 11: सूर्यशक्ति एवं वैष्णवी शक्तिका वर्णन
»
श्लोक 8
श्लोक
2.11.8
सैष विष्णु: स्थित: स्थित्यां जगत: पालनोद्यत:।
ऋग्यजु:सामभूतोऽन्त: सवितुर्द्विज तिष्ठति॥ ८॥
अनुवाद
हे द्विज! जगत् की स्थिति और पालन के लिए वे ऋक्, यजु और विष्णु के समान सूर्य के भीतर निवास करते हैं॥8॥
Hey Dwija! For the condition and maintenance of the world, they reside within the sun like Rik, Yaju and Vishnu. 8॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×