श्री विष्णु पुराण  »  अंश 2: द्वितीय अंश  »  अध्याय 11: सूर्यशक्ति एवं वैष्णवी शक्तिका वर्णन  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  2.11.7 
सर्वशक्ति: परा विष्णोर्ऋग्यजु:सामसंज्ञिता।
सैषा त्रयी तपत्यंहो जगतश्च हिनस्ति या॥ ७॥
 
 
अनुवाद
भगवान विष्णु की ऋक्, यजु, साम नामक सर्वशक्तिमान महाशक्ति ही वेद-तीन हैं जो सूर्य को ऊष्मा प्रदान करती हैं और [पूजित होने पर] संसार के समस्त पापों का नाश करती हैं। 7॥
 
Lord Vishnu's almighty super power named Rik, Yaju, Sama is the Veda-three itself that provides heat to the Sun and [when worshipped] destroys all the sins of the world. 7॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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