श्री विष्णु पुराण  »  अंश 2: द्वितीय अंश  »  अध्याय 11: सूर्यशक्ति एवं वैष्णवी शक्तिका वर्णन  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  2.11.6 
श्रीपराशर उवाच
मैत्रेय श्रूयतामेतद्यद्भवान‍्परिपृच्छति।
यथा सप्तगणेऽप्येक: प्राधान्येनाधिको रवि:॥ ६॥
 
 
अनुवाद
श्री पराशर जी बोले - हे मैत्रेय! आपने जो पूछा है, उसका उत्तर सुनिए। सूर्य सात गणों में से एक हैं, तथापि उनमें एक विशेष विशेषता है, क्योंकि वे उनमें प्रधान हैं।॥6॥
 
Shri Parashar Ji said - O Maitreya! Listen to the answer to what you have asked. Surya is one of the seven Ganas, however, he has a special specialty because he is the chief among them. ॥ 6॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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