श्री विष्णु पुराण  »  अंश 2: द्वितीय अंश  »  अध्याय 11: सूर्यशक्ति एवं वैष्णवी शक्तिका वर्णन  »  श्लोक 25
 
 
श्लोक  2.11.25 
तेन प्रीणात्यशेषाणि भूतानि भगवान‍् रवि:।
पितृदेवमनुष्यादीनेवमाप्याययत्यसौ॥ २५॥
 
 
अनुवाद
इससे भगवान सूर्य समस्त प्राणियों को सुखी करते हैं और इस प्रकार देवता, मनुष्य, पितर आदि सबका पालन-पोषण करते हैं ॥25॥
 
By this, Lord Sun makes all creatures happy and in this way He nourishes all, including gods, human beings, ancestors etc. ॥25॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)