श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 8: रौद्र-सृष्टि और भगवान‍् तथा लक्ष्मीजीकी सर्वव्यापकताका वर्णन  »  श्लोक 8-10
 
 
श्लोक  1.8.8-10 
सुवर्चला तथैवोषा विकेशी चापरा शिवा।
स्वाहा दिशस्तथा दीक्षा रोहिणी च यथाक्रमम्॥ ८॥
सूर्यादीनां द्विजश्रेष्ठ रुद्राद्यैर्नामभि: सह।
पत्न्य: स्मृता महाभाग तदपत्यानि मे शृणु॥ ९॥
एषां सूतिप्रसूतिभ्यामिदमापूरितं जगत्॥ १०॥
 
 
अनुवाद
हे द्विजश्रेष्ठ! रुद्र आदि नामों के साथ-साथ उन सूर्यमूर्तियों की क्रमशः सुवर्चला, उषा, विकेशी, अपरा, शिवा, स्वाहा, दिशा, दीक्षा और रोहिणी नामक पत्नियाँ भी हैं। हे महाभाग! अब उनके पुत्रों के नाम सुनो; यह सम्पूर्ण जगत् उनके पुत्रों और पौत्रों से परिपूर्ण है। 8-10॥
 
O best of the two! Along with names like Rudra, those Surya idols have wives named Suvarchala, Usha, Vikeshi, Apara, Shiva, Swaha, Disha, Deeksha and Rohini respectively. O Mahabhaga! Now listen to the names of their sons; This entire world is filled with his sons and grandchildren. 8-10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)