vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री विष्णु पुराण
»
अंश 1: प्रथम अंश
»
अध्याय 8: रौद्र-सृष्टि और भगवान् तथा लक्ष्मीजीकी सर्वव्यापकताका वर्णन
»
श्लोक 5
श्लोक
1.8.5
ततोऽन्यानि ददौ तस्मै सप्त नामानि वै प्रभु:।
स्थानानि चैषामष्टानां पत्नी: पुत्रांश्च स प्रभु:॥ ५॥
अनुवाद
तब भगवान ब्रह्मा ने उन्हें सात और नाम दिए तथा आठों के स्थान, पत्नियां और पुत्र भी निर्धारित किए।
Then Lord Brahma gave him seven more names and also determined the places, wives and sons of all eight.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×