श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 8: रौद्र-सृष्टि और भगवान‍् तथा लक्ष्मीजीकी सर्वव्यापकताका वर्णन  »  श्लोक 31
 
 
श्लोक  1.8.31 
विभावरी श्रीर्दिवसो देवश्चक्रगदाधर:।
वरप्रदो वरो विष्णुर्वधू: पद्मवनालया॥ ३१ ॥
 
 
अनुवाद
चक्रगदाधरदेव श्रीविष्णु दिन हैं और देवी लक्ष्मी रात्रि हैं। कल्याणकारी श्रीहरि वर हैं और पद्मनिवासिनी श्रीलक्ष्मी वधू हैं॥31॥
 
Chakragadadhardev Sri Vishnu is the day and Goddess Lakshmi is the night. The benevolent Sri Hari is the groom and Padmanivasini Sri Lakshmi is the bride.॥ 31॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)