श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 8: रौद्र-सृष्टि और भगवान‍् तथा लक्ष्मीजीकी सर्वव्यापकताका वर्णन  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  1.8.23 
शङ्करो भगवाञ्छौरिर्गौरी लक्ष्मीर्द्विजोत्तम।
मैत्रेय केशव: सूर्यस्तत्प्रभा कमलालया॥ २३ ॥
 
 
अनुवाद
हे द्विजोतम्! भगवान विष्णु शंकर हैं और श्री लक्ष्मी गौरी हैं तथा हे मैत्रेय! श्री केशव सूर्य हैं और कमल पर सवार देवी श्री लक्ष्मी उनकी प्रभा हैं॥23॥
 
O Dwijotam! Lord Vishnu is Shankar and Sri Lakshmi is Gauri and O Maitreya! Sri Keshav is the Sun and Sri Lakshmi, the lotus-riding goddess, is his radiance.॥23॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)