श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 8: रौद्र-सृष्टि और भगवान‍् तथा लक्ष्मीजीकी सर्वव्यापकताका वर्णन  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  1.8.2 
कल्पादावात्मनस्तुल्यं सुतं प्रध्यायतस्तत:।
प्रादुरासीत्प्रभोरङ्के कुमारो नीललोहित:॥ २॥
 
 
अनुवाद
कल्प के प्रारम्भ में जब ब्रह्मा अपने ही समान पुत्र प्राप्ति के लिए चिन्तन कर रहे थे, तब उनकी गोद में नील-लाल वर्ण वाला एक बालक उत्पन्न हुआ।
 
At the beginning of the Kalpa, while Brahma was contemplating on having a son like himself, a child of blue-red complexion was born in his lap. 2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)