vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री विष्णु पुराण
»
अंश 1: प्रथम अंश
»
अध्याय 8: रौद्र-सृष्टि और भगवान् तथा लक्ष्मीजीकी सर्वव्यापकताका वर्णन
»
श्लोक 2
श्लोक
1.8.2
कल्पादावात्मनस्तुल्यं सुतं प्रध्यायतस्तत:।
प्रादुरासीत्प्रभोरङ्के कुमारो नीललोहित:॥ २॥
अनुवाद
कल्प के प्रारम्भ में जब ब्रह्मा अपने ही समान पुत्र प्राप्ति के लिए चिन्तन कर रहे थे, तब उनकी गोद में नील-लाल वर्ण वाला एक बालक उत्पन्न हुआ।
At the beginning of the Kalpa, while Brahma was contemplating on having a son like himself, a child of blue-red complexion was born in his lap. 2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×