श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 7: मरीचि आदि प्रजापतिगण, तामसिक सर्ग, स्वायम्भुवमनु और शतरूपा तथा उनकी सन्तानका वर्णन  »  श्लोक 39
 
 
श्लोक  1.7.39 
श्रीमैत्रेय उवाच
येयं नित्या स्थितिर्ब्रह्म न‍‍‍्नि त्यसर्गस्तथेरित:।
नित्याभावश्च तेषां वै स्वरूपं मम कथ्यताम्॥ ३९ ॥
 
 
अनुवाद
श्री मैत्रेयजी बोले - हे ब्रह्मन्! आपने नित्य सत्ता, नित्य सृष्टि और नित्य प्रलय का वर्णन किया है, अतः कृपा करके मुझे उनका स्वरूप बताइए ॥ 39॥
 
Sri Maitreya said - O Brahman! You have mentioned eternal existence, eternal creation and eternal destruction, so please describe to me their nature. ॥ 39॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd