श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 7: मरीचि आदि प्रजापतिगण, तामसिक सर्ग, स्वायम्भुवमनु और शतरूपा तथा उनकी सन्तानका वर्णन  »  श्लोक 26-27
 
 
श्लोक  1.7.26-27 
भृगुर्गवो मरीचिश्च तथा चैवाङ्गिरा मुनि:।
पुलस्त्य: पुलहश्चैव क्रतुश्चर्षिवरस्तथा॥ २६ ॥
अत्रिर्वसिष्ठो वह्निश्च पितरश्च यथाक्रमम्।
ख्यात्याद्या जगृहु: कन्या मुनयो मुनिसत्तम॥ २७॥
 
 
अनुवाद
हे मुनिसतम! इन ख्याति आदि कन्याओं को क्रमशः भृगु, शिव, मरीचि, अंगिरा, पुलस्त्य, पुलह, क्रतु, अत्रि, वशिष्ठ - इन ऋषियों और अग्नि तथा पितरों ने स्वीकार किया था। 26-27॥
 
Hey Munisatam! These Khyati etc. girls were accepted by Bhrigu, Shiva, Marichi, Angira, Pulastya, Pulah, Kratu, Atri, Vashishtha - these sages and Agni and the ancestors respectively. 26-27॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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