श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 7: मरीचि आदि प्रजापतिगण, तामसिक सर्ग, स्वायम्भुवमनु और शतरूपा तथा उनकी सन्तानका वर्णन  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  1.7.21 
यज्ञस्य दक्षिणायां तु पुत्रा द्वादश जज्ञिरे।
यामा इति समाख्याता देवा: स्वायम्भुवे मनौ॥ २१॥
 
 
अनुवाद
यज्ञ की दक्षिणा से बारह पुत्र उत्पन्न हुए, जो स्वायम्भुव मन्वन्तर में यम नामक देवता कहलाए ॥21॥
 
The Dakshina of the yagya gave birth to twelve sons, who were called gods named Yam in the Swayambhuva Manvantar. 21॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)