श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 6: चातुर्वर्ण्य-व्यवस्था, पृथिवी-विभाग और अन्नादिकी उत्पत्तिका वर्णन  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  1.6.2 
यथा च वर्णानसृजद्यद‍्गुणांश्च प्रजापति:।
यच्च तेषां स्मृतं कर्म विप्रादीनां तदुच्यताम्॥ २॥
 
 
अनुवाद
श्री प्रजापति ने जिन गुणों से ब्राह्मण जाति की रचना की, उन सबका तथा उनके लिए निर्धारित कर्तव्यों का वर्णन कीजिए। 2॥
 
Describe all the qualities with which Shri Prajapati created the Brahmin caste and the duties he prescribed for them. 2॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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