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श्री विष्णु पुराण
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अंश 1: प्रथम अंश
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अध्याय 6: चातुर्वर्ण्य-व्यवस्था, पृथिवी-विभाग और अन्नादिकी उत्पत्तिका वर्णन
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श्लोक 18
श्लोक
1.6.18
ततो दुर्गाणि ताश्चक्रुर्धान्वं पार्वतमौदकम्।
कृत्रिमं च तथा दुर्गं पुरखर्वटकादिकम्॥ १८॥
अनुवाद
फिर उसने मरुस्थल, पर्वत और जल आदि में प्राकृतिक और कृत्रिम दुर्ग स्थापित किए तथा नगर और खरवत आदि भी स्थापित किए॥18॥
Then he established natural and artificial fortifications in the desert, mountains and water etc. and also cities and Kharvat* etc.॥ 18॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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