vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री विष्णु पुराण
»
अंश 1: प्रथम अंश
»
अध्याय 5: अविद्यादि विविध सर्गोंका वर्णन
»
श्लोक 39
श्लोक
1.5.39
ज्योत्स्नागमे तु बलिनो मनुष्या: पितरस्तथा।
मैत्रेय सन्ध्यासमये तस्मादेते भवन्ति वै॥ ३९ ॥
अनुवाद
इसलिए हे मैत्रेय! मनुष्य प्रातःकाल में बलवान होते हैं और पितर सायंकाल में बलवान होते हैं।
That is why, O Maitreya! Human beings become strong in the morning and ancestors become strong in the evening. 39.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×