यस्मादर्वाग्व्यवर्त्तन्त ततोऽर्वाक्स्रोतसस्तु ते।
ते च प्रकाशबहुलास्तमोद्रिक्ता रजोऽधिका:॥ १७॥
अनुवाद
इस सर्ग के प्राणी नीचे (पृथ्वी पर) रहते हैं, इसलिए इन्हें 'अर्वाक्षरोता' कहते हैं। इनमें सत्व, रज और तम तीनों की प्रचुरता होती है ॥17॥
The creatures of this Sarga live below (on the earth), hence they are called 'Arvaksrota'. There is abundance of all three Sattva, Raja and Tama in them. 17॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥