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श्री विष्णु पुराण
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अंश 1: प्रथम अंश
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अध्याय 4: ब्रह्माजीकी उत्पत्ति वराहभगवान्द्वारा पृथिवीका उद्धार और ब्रह्माजीकी लोक-रचना
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श्लोक 51
श्लोक
1.4.51
निमित्तमात्रमेवाऽसौ सृज्यानां सर्गकर्मणि।
प्रधानकारणीभूता यतो वै सृज्यशक्तय:॥ ५१ ॥
अनुवाद
जगत् की रचना में भगवान् केवल निमित्त मात्र हैं, क्योंकि उसका मुख्य कारण सृजित वस्तुओं की शक्तियाँ हैं ॥ 51॥
In the creation of the universe God is only an instrument, since its main cause is the energies of created objects. ॥ 51॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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