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श्री विष्णु पुराण
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अंश 1: प्रथम अंश
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अध्याय 4: ब्रह्माजीकी उत्पत्ति वराहभगवान्द्वारा पृथिवीका उद्धार और ब्रह्माजीकी लोक-रचना
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श्लोक 47
श्लोक
1.4.47
तत: क्षितिं समां कृत्वा पृथिव्यां सोऽचिनो द्गि रीन्।
यथाविभागं भगवाननादि: परमेश्वर:॥ ४७ ॥
अनुवाद
तब सनातन परमेश्वर ने पृथ्वी को समतल कर दिया और उस पर जहाँ-तहाँ पर्वत रख दिए ॥47॥
Then the eternal Supreme Lord leveled the earth and placed mountains here and there on it. ॥ 47॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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