| श्री विष्णु पुराण » अंश 1: प्रथम अंश » अध्याय 3: ब्रह्मादिकी आयु और कालका स्वरूप » श्लोक 22 |
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| | | | श्लोक 1.3.22  | चतुर्दशगुणो ह्येष कालो ब्राह्ममह: स्मृतम्।
ब्राह्मो नैमित्तिको नाम तस्यान्ते प्रतिसञ्चर:॥ २२॥ | | | | | | अनुवाद | | यह काल ब्रह्मा के दिन से चौदह गुना अधिक होता है, जिसके बाद नैमित्तिक नामक ब्रह्म-प्रलय होता है ॥22॥ | | | | This period is fourteen times the day of Brahma, after which the Brahma-pralaya named Naimittik occurs. 22॥ | | ✨ ai-generated | | |
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