श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 3: ब्रह्मादिकी आयु और कालका स्वरूप  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  1.3.16 
ब्रह्मणो दिवसे ब्रह्म न‍् मनवस्तु चतुर्दश।
भवन्ति परिमाणं च तेषां कालकृतं शृणु॥ १६ ॥
 
 
अनुवाद
हे ब्रह्मन्! ब्रह्मा के एक दिन में चौदह मनु होते हैं। उनकी अनन्त महिमा सुनो। 16॥
 
Hey Brahman! Brahma has fourteen Manus in one day. Listen to their eternal magnitude. 16॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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