श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 22: विष्णु भगवान‍्की विभूति और जगत‍्की व्यवस्थाका वर्णन  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  1.22.5 
पितॄणां धर्मराजं तं यमं राज्येऽभ्यषेचयत्।
ऐरावतं गजेन्द्राणामशेषाणां पतिं ददौ॥ ५॥
 
 
अनुवाद
धर्मराज ने यमराज को पितरों के सिंहासन पर अभिषिक्त किया और ऐरावत को समस्त हाथियों का स्वामित्व प्रदान किया ॥5॥
 
Dharmaraja anointed Yama to the throne of the ancestors and gave the ownership of all the elephants to Airavat. ॥ 5॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)