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श्री विष्णु पुराण
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अंश 1: प्रथम अंश
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अध्याय 22: विष्णु भगवान्की विभूति और जगत्की व्यवस्थाका वर्णन
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श्लोक 4
श्लोक
1.22.4
प्रजापतीनां दक्षं तु वासवं मरुतामपि।
दैत्यानां दानवानां च प्रह्लादमधिपं ददौ॥ ४॥
अनुवाद
दक्ष को प्रजापतियों का, इन्द्र को मरुद्गणों का और प्रह्लादजी को दैत्यों और दानवों का शासन दिया गया॥4॥
Daksh was given the control of Prajapatis, Indra was given the control of Marudgana and Prahladji was given the control of demons and demons. 4॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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