अहोरात्रकृतं पापं प्रह्लादचरितं नर:।
शृण्वन्पठंश्च मैत्रेय व्यपोहति न संशय:॥ ३७॥
अनुवाद
हे मैत्रेय! इसमें कोई संदेह नहीं है कि प्रह्लाद की कथा सुनने या पढ़ने से मनुष्य दिन-रात किए हुए पापों से अवश्य ही मुक्त हो जाता है ॥ 37॥
O Maitreya! There is no doubt that by listening to or reading the story of Prahlada, a person is certainly freed from the sins committed day and night. ॥ 37॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥