श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 20: प्रह्लादकृत भगवत्-स्तुति और भगवान‍्का आविर्भाव  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  1.20.16 
प्रह्लाद उवाच
देव प्रपन्नार्त्तिहर प्रसादं कुरु केशव।
अवलोकनदानेन भूयो मां पावयाच्युत॥ १६॥
 
 
अनुवाद
प्रह्लादजी बोले- हे शरणागत, हे दुःख हरने वाले भगवान केशवदेव! प्रसन्न होइए। हे अच्युत! अपनी पवित्र दृष्टि से मुझे पुनः पवित्र कर दीजिए॥16॥
 
Prahladji said- O surrendered one, Lord Keshavdev, the remover of suffering! Be pleased. O Achyuta! Purify me again with your holy sight.॥ 16॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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