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श्लोक 1.20.14  |
श्रीपराशर उवाच
तस्य तच्चेतसो देव: स्तुतिमित्थं प्रकुर्वत:।
आविर्बभूव भगवान् पीताम्बरधरो हरि:॥ १४॥ |
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| अनुवाद |
| श्री पाराशरजी ने कहा- उनकी ऐसी भक्तिपूर्वक स्तुति करने पर पीताम्बरधारी देवाधिदेव भगवान वनहरि प्रकट हुए। 14॥ |
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| Shri Parasharji said – On his praise with such devotion, the Pitambardhari Devadhidev Lord Van Hari appeared. 14॥ |
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