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vishnu 1.2.9: वह कथा दक्ष आदि ऋषियों ने नर्मदा के तट पर राजा पुरुकुत्स को सुनाई थी। पुरुकुत्स ने उसे सारस्वत से कहा और सारस्वत ने उसे मुझसे कहा॥9॥   |   vishnu अध्याय 1.2: चौबीस तत्त्वोंके विचारके साथ जगत‍्के उत्पत्तिक्रमका वर्णन और विष्णुकी महिमा   ।   vishnu अंश 1: प्रथम अंश   ।   श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  1.2.9 
तैश्चोक्तं पुरुकुत्साय भूभुजे नर्मदातटे।
सारस्वताय तेनापि मह्यं सारस्वतेन च॥ ९॥
 
 
अनुवाद
वह कथा दक्ष आदि ऋषियों ने नर्मदा के तट पर राजा पुरुकुत्स को सुनाई थी। पुरुकुत्स ने उसे सारस्वत से कहा और सारस्वत ने उसे मुझसे कहा॥9॥
 
That episode was narrated by sages like Daksh to king Purukutsa on the bank of Narmada. Purukutsa told it to Saraswat and Saraswat told it to me.॥ 9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)