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vishnu 1.2.65: जागृत होने पर वह ब्रह्मा का रूप धारण करता है और पुनः संसार की रचना करता है।   |   vishnu अध्याय 1.2: चौबीस तत्त्वोंके विचारके साथ जगत‍्के उत्पत्तिक्रमका वर्णन और विष्णुकी महिमा   ।   vishnu अंश 1: प्रथम अंश   ।   श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  1.2.65 
प्रबुद्धश्च पुन: सृष्टिं करोति ब्रह्मरूपधृक्॥ ६५॥
 
 
अनुवाद
जागृत होने पर वह ब्रह्मा का रूप धारण करता है और पुनः संसार की रचना करता है।
 
On awakening he takes the form of Brahma and again creates the world. 65.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)