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vishnu 1.2.62: और उसके उत्पन्न होने पर सत्त्वगुण से प्रतिष्ठित और परम शक्तिशाली भगवान विष्णु, कल्प के अन्त तक युग-युग में उसका पालन करते हैं ॥62॥   |   vishnu अध्याय 1.2: चौबीस तत्त्वोंके विचारके साथ जगत‍्के उत्पत्तिक्रमका वर्णन और विष्णुकी महिमा   ।   vishnu अंश 1: प्रथम अंश   ।   श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  1.2.62 
सृष्टं च पात्यनुयुगं यावत्कल्पविकल्पना।
सत्त्वभृद्भगवान‍्विष्णुरप्रमेयपराक्रम:॥ ६२॥
 
 
अनुवाद
और उसके उत्पन्न होने पर सत्त्वगुण से प्रतिष्ठित और परम शक्तिशाली भगवान विष्णु, कल्प के अन्त तक युग-युग में उसका पालन करते हैं ॥62॥
 
And after it is created, Lord Vishnu, who is distinguished by Sattva Guna and is extremely powerful, follows it from era to era till the end of the Kalpa. 62॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)