Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 vishnu 1.2.57: उन महात्मा हिरण्यगर्भ का सुमेरु तो रजोगुण (गर्भ को ढकने वाली झिल्ली) था, अन्य पर्वत तो गर्भाशय (गर्भाशय) थे और समुद्र गर्भाशय रस था ॥57॥ | vishnu अध्याय 1.2: चौबीस तत्त्वोंके विचारके साथ जगत्के उत्पत्तिक्रमका वर्णन और विष्णुकी महिमा । vishnu अंश 1: प्रथम अंश । श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उन महात्मा हिरण्यगर्भ का सुमेरु तो रजोगुण (गर्भ को ढकने वाली झिल्ली) था, अन्य पर्वत तो गर्भाशय (गर्भाशय) थे और समुद्र गर्भाशय रस था ॥57॥
The sumeru of that Mahatma Hiranyagarbha was the amnion (membrane covering the womb), other mountains, the uterus (womb) and the ocean was the uterine juice. 57॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥