Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
vishnu 1.2.52: इन भूतों की शक्तियाँ भिन्न-भिन्न हैं, अतः वे एक-दूसरे से पूर्णतः मिले बिना संसार की रचना नहीं कर सकते ॥52॥   |   vishnu अध्याय 1.2: चौबीस तत्त्वोंके विचारके साथ जगत‍्के उत्पत्तिक्रमका वर्णन और विष्णुकी महिमा   ।   vishnu अंश 1: प्रथम अंश   ।   श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 2: चौबीस तत्त्वोंके विचारके साथ जगत‍्के उत्पत्तिक्रमका वर्णन और विष्णुकी महिमा  »  श्लोक 52
 
 
श्लोक  1.2.52 
नानावीर्या: पृथग्भूतास्ततस्ते संहतिं विना।
नाशक्नुवन्प्रजा: स्रष्टुमसमागम्य कृत्स्नश:॥ ५२॥
 
 
अनुवाद
इन भूतों की शक्तियाँ भिन्न-भिन्न हैं, अतः वे एक-दूसरे से पूर्णतः मिले बिना संसार की रचना नहीं कर सकते ॥52॥
 
These ghosts have different powers. Therefore, they could not create the world without meeting each other completely. 52॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)