श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 2: चौबीस तत्त्वोंके विचारके साथ जगत‍्के उत्पत्तिक्रमका वर्णन और विष्णुकी महिमा  »  श्लोक 51
 
 
श्लोक  1.2.51 
शान्ता घोराश्च मूढाश्च विशेषास्तेन ते स्मृता:॥ ५१॥
 
 
अनुवाद
ये पाँचों तत्त्व शान्त, उग्र और मंद हैं [अर्थात् सुख, दुःख और आसक्ति से युक्त हैं], इसलिए इन्हें विशेष कहते हैं॥ 51॥
 
These five elements are calm, fierce and dull [i.e., they are filled with happiness, sorrow and attachment] and hence they are called special*॥ 51॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)