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vishnu 1.2.50: आकाश, वायु, तेज, जल और पृथ्वी - ये पाँच तत्त्व क्रमशः शब्द, स्पर्श आदि पाँच गुणों से युक्त हैं ॥50॥   |   vishnu अध्याय 1.2: चौबीस तत्त्वोंके विचारके साथ जगत‍्के उत्पत्तिक्रमका वर्णन और विष्णुकी महिमा   ।   vishnu अंश 1: प्रथम अंश   ।   श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  1.2.50 
आकाशवायुतेजांसि सलिलं पृथिवी तथा।
शब्दादिभिर्गुणैर्ब्रह्मन् संयुक्तान्युत्तरोत्तरै:॥ ५०॥
 
 
अनुवाद
आकाश, वायु, तेज, जल और पृथ्वी - ये पाँच तत्त्व क्रमशः शब्द, स्पर्श आदि पाँच गुणों से युक्त हैं ॥50॥
 
Sky, air, light, water and earth – these five elements are successively (respectively) endowed with the five qualities like sound, touch etc. 50॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)