Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 vishnu 1.2.49: हे मैत्रेय! पायु (गुदा), उपस्थ (लिंग), हाथ, पाद और वाणी - ये पाँच कर्मेन्द्रियाँ हैं। इनके कर्म (मल-मूत्र त्याग), शिल्प, गति और वचन का वर्णन किया गया है। 49॥ | vishnu अध्याय 1.2: चौबीस तत्त्वोंके विचारके साथ जगत्के उत्पत्तिक्रमका वर्णन और विष्णुकी महिमा । vishnu अंश 1: प्रथम अंश । श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पायूपस्थौ करौ पादौ वाक् च मैत्रेय पञ्चमी।
विसर्गशिल्पगत्युक्ति कर्म तेषां च कथ्यते॥ ४९॥
अनुवाद
हे मैत्रेय! पायु (गुदा), उपस्थ (लिंग), हाथ, पाद और वाणी - ये पाँच कर्मेन्द्रियाँ हैं। इनके कर्म (मल-मूत्र त्याग), शिल्प, गति और वचन का वर्णन किया गया है। 49॥
O Maitreya! Payu (anus), Upastha (penis), hand, foot and speech – these are the five karmendriyas. Their actions [sacrifice of feces and urine], crafts, movements and words are described. 49॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥