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vishnu 1.2.42: उस (रस-तन्मात्रा रूप) से रसगुणयुक्त जल उत्पन्न हुआ। रस और तन्मात्रा का जल रूप और तन्मात्रा के तेज से आच्छादित हो गया ॥42॥   |   vishnu अध्याय 1.2: चौबीस तत्त्वोंके विचारके साथ जगत‍्के उत्पत्तिक्रमका वर्णन और विष्णुकी महिमा   ।   vishnu अंश 1: प्रथम अंश   ।   श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  1.2.42 
सम्भवन्ति ततोऽम्भांसि रसाधाराणि तानि च।
रसमात्राणि चाम्भांसि रूपमात्रं समावृणोत्॥ ४२ ॥
 
 
अनुवाद
उस (रस-तन्मात्रा रूप) से रसगुणयुक्त जल उत्पन्न हुआ। रस और तन्मात्रा का जल रूप और तन्मात्रा के तेज से आच्छादित हो गया ॥42॥
 
From that (rasa-tanmatra form) water of rasa quality was created. The water of Rasa and Tanmatra was covered with the radiance of form and Tanmatra. 42॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)