Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 vishnu 1.2.33: हे द्विजश्रेष्ठ! सर्गकाल की प्राप्ति के पश्चात् जब गुणों की साम्यावस्था रूपी प्रधान भगवान विष्णु के दक्ष रूप में स्थित हुआ, तब उससे महत्तत्त्व उत्पन्न हुआ ॥33॥ | vishnu अध्याय 1.2: चौबीस तत्त्वोंके विचारके साथ जगत्के उत्पत्तिक्रमका वर्णन और विष्णुकी महिमा । vishnu अंश 1: प्रथम अंश । श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे द्विजश्रेष्ठ! सर्गकाल की प्राप्ति के पश्चात् जब गुणों की साम्यावस्था रूपी प्रधान भगवान विष्णु के दक्ष रूप में स्थित हुआ, तब उससे महत्तत्त्व उत्पन्न हुआ ॥33॥
O best of the two! After the attainment of Sargakaal, when the Pradhan in the form of equilibrium of qualities was established in the form of the expert of Vishnu, then Mahatattva was born from it. 33॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥