Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 vishnu 1.2.28-29: तत्पश्चात् (सर्गकाल के उपस्थित होने पर) सर्वव्यापी सर्वव्यापी परमात्मा के विश्वरूप परमेश्वर ने अपनी इच्छा से दुष्ट सरदार और अचर पुरुष में प्रवेश करके उन्हें क्षुब्ध कर दिया ॥28-29॥ | vishnu अध्याय 1.2: चौबीस तत्त्वोंके विचारके साथ जगत्के उत्पत्तिक्रमका वर्णन और विष्णुकी महिमा । vishnu अंश 1: प्रथम अंश । श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत्पश्चात् (सर्गकाल के उपस्थित होने पर) सर्वव्यापी सर्वव्यापी परमात्मा के विश्वरूप परमेश्वर ने अपनी इच्छा से दुष्ट सरदार और अचर पुरुष में प्रवेश करके उन्हें क्षुब्ध कर दिया ॥28-29॥
Thereafter [when Sargakaal was present] the Supreme Supreme Lord, the universal form of the omnipresent omnipresent Supreme Soul, by His will, entered into the vicious chief and the unchangeable man and irked them. 28-29॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥