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vishnu 1.2.22: हे विद्वान्! इसी अर्थ को लक्ष्य करके प्रधान के प्रतिपादक यह श्लोक कहते हैं - ॥22॥   |   vishnu अध्याय 1.2: चौबीस तत्त्वोंके विचारके साथ जगत‍्के उत्पत्तिक्रमका वर्णन और विष्णुकी महिमा   ।   vishnu अंश 1: प्रथम अंश   ।   श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  1.2.22 
वेदवादविदो विद्वन्नियता ब्रह्मवादिन:।
पठन्ति चैतमेवार्थं प्रधानप्रतिपादकम्॥ २२॥
 
 
अनुवाद
हे विद्वान्! इसी अर्थ को लक्ष्य करके प्रधान के प्रतिपादक यह श्लोक कहते हैं - ॥22॥
 
O scholar! Aiming at this very meaning, the proponents of Pradhan say this (following) verse - ॥ 22॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)